सेकेंड लेफ़्टीनेंट राम राघोबा राणे (Second Lieutenant Rama Raghoba Rane)

नाम:- सेकेंड लेफ़्टीनेंट राम राघोबा राणे (Second Lieutenant Rama Raghoba Rane) Father’s Name :- NA Mother’s Name :- NA Domicile :- NA जन्म:- 26 जून 1918 जन्म भूमि :- चेंडिया, कारवार, कर्नाटक, भारत शहादत :- 11 जुलाई 1994 (उम्र 76) शहादत स्थान :- पुणे, महाराष्ट्र सेवा/शाखा :- भारतीय सेना सेवा वर्ष :- 1947–1968 रैंक (उपाधि) :- सेकेंड लेफ्टिनेंट, बाद में मेजर सेवा संख्यांक(Service No.) :-

सूबेदार एवं मानद कैप्टन करम सिंह (Subedar and Honorary Captain Karam Singh)

नाम:- सूबेदार एवं मानद कैप्टन करम सिंह (Subedar and Honorary Captain Karam Singh) Father’s Name :- Late UTTAM SINGH Mother’s Name :- Late SANTI KAUR Domicile :- Barnala, Punjab जन्म:- 20 जनवरी 1993 जन्म भूमि :- भालियाँ गाँव, पंजाब शहादत :- 20 जनवरी 1993 (आयु- 77) शहादत स्थान :- बरनाला, पंजाब सेवा/शाखा :- ब्रिटिश भारतीय सेना, भारतीय सेना सेवा वर्ष :-

शौर्य चक्र (SHAURYA CHAKRA)

मेडल: गोलाकार और कांस्य निर्मित, 1.38 इंच का व्यास है । इस मेडल के अग्र भाग पर केन्द्र में अशोक चक्र की प्रतिकृति उत्कीर्ण है जो कमल माला से घिरी हुई है । इसके पश्च भाग पर हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में शौर्य चक्र उत्कीर्ण है, और ये रूपान्तरण कमल के दो फूलों द्वारा अलग-अलग हो

कीर्ति चक्र (KIRITI CHAKRA)

मेडल: गोलाकार और स्टैण्डर्ड सिल्वर निर्मित, 1.38 इंच का व्यास है । इस मेडल के अग्र भाग पर केन्द्र में अशोक चक्र की प्रतिकृति उत्कीर्ण है जो कमल माला से घिरी हुई है । इसके पश्च भाग पर हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में कीर्ति चक्र उत्कीर्ण है, और ये रूपान्तरण कमल के दो फूलों द्वारा अलग-अलग

अशोक चक्र (ASHOKA CHAKRA)

मेडलः गोलाकार, दोनों तरफ रिमों के साथ 1.38 इंच का व्यास और स्वर्ण-कलई का होगा । इसके अग्रभाग पर, इसके केन्द्र में अशोक चक्र की प्रतिकृति उत्कीर्ण होगी जिसके चारों ओर कमल-माला है । इसके पश्चभाग पर हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में “अशोक चक्र” शब्द उत्कीर्ण होंगे, दोनों रूपान्तरण दो कमल के फूलों से अलग-अलग हो

वीर चक्र (VIR CHAKRA)

मेडलः गोलाकार और स्टैण्डर्ड सिल्वर निर्मित है और इसके अग्रभाग पर पांच कोनों वाला उभरा हुआ तारा उत्कीर्ण किया गया है जिसके कोने गोलाकार किनारों को छू रहे हैं । इसके केंद्र भाग में राज्य का प्रतीक (ध्येय सहित) उत्कीर्ण है जो उभरा हुआ है । तारा पॉलिश किया हुआ है और केन्द्र भाग स्वर्ण-कलई में

महावीर चक्र (MAHA VIR CHAKRA)

मेडलः गोलाकार और स्टैण्डर्ड सिल्वर निर्मित है और इसके अग्रभाग पर पांच कोनों वाला उभरा हुआ तारा उत्कीर्ण किया गया है जिसके कोने गोलाकार किनारों को छू रहे हैं । इस मेडल का व्यास 1.38 इंच का है इसके केंद्र भाग में राज्य का प्रतीक (ध्येय सहित) उत्कीर्ण है जो उभरा हुआ है । तारा पॉलिश

परम वीर चक्र (PARAM VIR CHAKRA)

मेडल : गोलाकार, कांस्य निर्मित, 1.38 इंच का व्यास और अग्रभाग पर केंद्र में उभरी हुई राज्य के प्रतीक ( ध्येय सहित ) के साथ “इन्द्र के वज्र” की चार प्रतिकृतियां । इसके पश्चभाग पर, इसमें हिन्दी और अंग्रेजी के बीच में दो कमल के फूलों के साथ हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में परम वीर चक्र

पुरस्कार के बारे में (Gallantry Awards)

स्वतंत्रता के पश्चात, भारत सरकार द्वारा 26 जनवरी, 1950 को प्रथम तीन वीरता पुरस्कार अर्थात परम वीर चक्र, महावीर चक्र और वीर चक्र प्रारंभ किए गए थे, जिन्हें 15 अगस्त, 1947 से प्रभावी माना गया था इसके पश्चात, भारत सरकार द्वारा दिनांक 4 जनवरी, 1952 को अन्य तीन वीरता पुरस्कार अर्थात अशोक चक्र श्रेणी –